अमेरिका की खोज किसने की? पूरी जानकारी

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आज हम इस पोस्ट में जानेंगे की America Ki Khoj Kisne Ki पूरी जानकारी. अगर कोई जानना चाहता है अमेरिका की खोज किसने की तो इस पोस्ट को जरुर पढ़े. दुनिया की सबसे शक्तिशाली और विकशित देश में अमेरिका का नाम आता है. इसलिए हर कोई जानना चाहता है अमेरिका की खोज किसने कि? हम अपने इस पोस्ट में विस्तार से जानेंगे अमेरिका की खोज किस प्रकार हुई. इससे पहले हमने भारत की खोज के बारे में जाना था तो अगर आपने उस पोस्ट को नहीं पढ़ा तो जरुर पढ़े. तो चलिए जानते है अमेरिका की खोज किसने की?

america ki khoj

अमेरिका दुनिया का सबसे शक्तिशाली तथा विकशित देश है. अमेरिका की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था मानी जाती है. जिस प्रकार लोगो के मन में इंडिया के खोजकर्ता का नाम जानने की इच्छा होती है उसी प्रकार लोग अमेरिका के खोजकर्ता का नाम जानना चाहते है. इसलिए आज हम इस पोस्ट को लिख रहे है, इसमें हम अमेरिका की खोज से जुड़ी हर महत्वपूर्ण बातों को गहराई से जानेंगे. इसलिए अगर कोई अपनी जनरल नॉलेज को मजबूत करना चाहता है तो हमारे इस पोस्ट को जरुर पढ़े.

अमेरिका की खोज किसने की?

अमेरिका की खोज 1492 में क्रिस्‍टोफर कोलंबस ने की थी. कोलंबस की यह यात्रा 3 अगस्‍त 1492 को स्‍पेन के पालोस बंदरगाह से शुरू हुई थी. कोलंबस ने अपनी यात्रा तीन जहाज के साथ शुरू की जिनका नाम नीना, पिंटा और सैंटा मारिया था.

क्रिस्टोफर कोलंबस का जन्म 1451 को इटली के एक शहर जिनोआ में हुआ था. उसके पिता जुलाहे थे. शुरुवाती दिनों में वो अपने पिता के काम में मदद किया करता था. लेकिन बाद में उनकी दिलचस्पी समुद्री यात्राओं में बढ़ गयी और इसी को उन्होंने अपना पेशा बना लिया.

कोलंबस इंडिया की खोज इसलिए करना चाहते थे क्योंकि उस समय इंडिया के मसाले और सिल्क युरोपे में काफी प्रसिद्द थे. युरोपे से इंडिया आने का रास्ता काफी जटिल हुआ करता था और इसमें खर्चा भी काफी होता. कोलंबस ने सोचा क्यों ना समुद्री रास्ता खोजा जाये जिससे इंडिया के साथ व्यापर करने में आसानी हो. लेकिन उस समय किसी को पता नहीं था किस दिशा में जाये तो इंडिया को खोज हो सकती है. कोलंबस के मन में आया अगर पश्चिम दिशा की तरफ जाये तो इंडिया पहुंचा जा सकता है.

लेकिन अब दिक्कत यह थी की इस यात्रा का खर्चा कौन देगा. क्योंकि इतनी बड़ी खोज करने के लिए उन्हें एक टीम की आवश्यकता थी साथ में जहाज भी चाहिए था. कोलंबस ने अपने यात्रा का प्रस्ताव पुर्तगाल राजा के सामने रखा लेकिन उन्होंने इस खोज में दिलचस्पी नहीं दिखाई. कुछ समय बाद इस खोज का प्रस्ताव कोलंबस ने स्पेन शासक के सामने रखा तो उन्होंने इस खोज में रूचि दिखाई और यात्रा का खर्च उठाने को तैयार हो गए. कोलंबस ने अपनी यात्रा 3 अगस्त 1492 में तीन जहाज के साथ शुरू की जिनका नाम नीना, पिंटा और सैंटा मारिया था.

यात्रा काफी लंबी और जोखिम से भरी हुई थी जिस कारण से उनके साथ आये नाविक बागवत पर उतर आये. लेकिन कोलंबस ने काफी मुश्किल से उन्हें शांत किया और बोला की अगर 2 दिन में खोज पूरी नहीं हुई तो हम वापस लौट जायेंगे. कोलंबस ने अपनी पत्रिका में लिखा है की उस समय उनका वापस लौटने का कोई इरादा नहीं था.

12 अक्टूबर 1492 को उन्हें भूमि दिखाई पड़ती है. अपने नाविकों को उस भूमि के तरफ मुड़ने का आदेश कोलंबस देते है. कोलंबस को लगता है कि उन्होंने इंडिया की खोज कर ली है. लेकिन वास्तव में वो बहामास का आइलैंड सैन सल्वाडोर था. वहां के निवासी उसे गुआनाहानी कहते थे. कोलंबस ने इस दौरान कई कैरिबियाई द्वीपों की खोज की. जिसमें जुआना (क्यूबा) और हिस्पानिओला (सैंट डोमिनगो) शामिल थे. कोलंबस ने वहां से काफी दौलत इकट्ठा किया. इसके बाद अपने 39 साथियों को वहीं छोड़कर वो वापस स्पेन लौट गया.

स्पेन लौटने के बाद वहां के शासक कोलंबस की कामयाबी से काफी प्रसन्न हुए और उनका भव्य स्वागत किया गया. इस कामयाबी को ध्यान में रखते हुए कोलंबस को उनके खोजे हुए द्वीप हिस्पानिओला का गवर्नर घोषित किया गया. स्पेन के शासक उनके अगले यात्रा का खर्चा उठाने को भी तैयार हो गये थे. इसके बाद कोलंबस ने तीन बार अमेरिकी द्वीपों की यात्रा की. अपने मृत्यु के समय तक भी कोलंबस को इस बात का ज्ञात नहीं हुआ की उन्होंने जिसकी खोज की है वो अमेरिका है इंडिया नहीं.

Final Words:

तो दोस्तों आज हमने इस पोस्ट में जाना America Ki Khoj Kisne Ki पूरी जानकारी. आप ने इस पोस्ट में जाना किस प्रकार क्रिस्‍टोफर कोलंबस निकले तो थे इंडिया की खोज में लेकिन खोज अमेरिका की हो गयी. सबसे आश्चर्य की बात तो यह है की उन्हें अपने मृत्यु के समय तक भी इस बात का ज्ञान नहीं हुआ. इस प्रकार के सवाल आप से जनरल नॉलेज के लिए पूछा जा सकता है. उम्मीद करता हूँ आपको हमारा यह पोस्ट पसंद आया होगा.

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